पटना। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना स्थित उनके आवास से 1995 के एक फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान पटना के मंडीरी इलाके में उनके घर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब पुलिस टीम गिरफ्तार करने पहुंची।
#WATCH | Bihar: Police arrive at the residence of Independent MP Pappu Yadav in Patna, to arrest him in connection with an old case. pic.twitter.com/2YsQdOXVoL
— ANI (@ANI) February 6, 2026
क्या है पूरा मामला?
पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह के अनुसार, यह गिरफ्तारी गार्डनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले से जुड़ी है। पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है, जिसमें धारा 419 (छल द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 448 (घर में अतिक्रमण), 506 (आपराधिक धमकी), और 120बी (आपराधिक साजिश) शामिल हैं।
शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया है कि उनके घर को धोखाधड़ी के जरिए किराए पर लिया गया और बाद में इसे सांसद के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिसकी जानकारी उन्हें समझौते के समय नहीं दी गई थी।
अदालत का आदेश
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि एमपी/एमएलए अदालत द्वारा जारी वारंट के तहत यह गिरफ्तारी की गई है। एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने हाल ही में तीन आरोपियों - सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद - के खिलाफ संपत्ति कुर्की का आदेश पारित किया था। यह आदेश स्पेशल जज प्रवीण कुमार मालवीय द्वारा आरोपियों के बार-बार अदालत में पेश नहीं होने के बाद पारित किया गया था।
गिरफ्तारी के दौरान हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
पप्पू यादव दिल्ली में संसद के बजट सत्र में भाग लेने के बाद अपने पटना स्थित आवास पर पहुंचे थे, मात्र एक घंटे बाद ही पुलिस टीम उनके घर पहुंची। करीब 50 सदस्यों की पुलिस टीम रात 10:30 बजे के आसपास उनके मंडीरी स्थित घर पर पहुंची और रात 12:15 बजे उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान यादव के कई समर्थक उनके आवास पर पहुंच गए, जिससे वहां तनाव का माहौल बन गया और समर्थकों और पुलिस कर्मियों के बीच बहस हुई।
पप्पू यादव के आरोप
मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने दावा किया कि जब वे लोकसभा सत्र से पटना पहुंचे थे, तभी सादे कपड़ों में एक व्यक्ति उनके घर में घुसा और खुद को इंस्पेक्टर दीपक कुमार बताया। उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया कि वारंट है, लेकिन मुझे कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया। मैंने अपने वकील से परामर्श करने के लिए समय मांगा, लेकिन पुलिस ने जबरन मेरे घर में प्रवेश किया।"
सांसद ने कहा, "यह मुझे मारने की साजिश है। मैं रात में कहीं नहीं जाऊंगा। अदालत ने मुझे शनिवार को बुलाया था। लोकसभा का सत्र खत्म हो गया था और मैं पटना पहुंचा। मैं अदालत का सम्मान करता हूं और शनिवार सुबह 11 बजे अदालत में पेश होऊंगा।"
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित है और यह नीतीश कुमार सरकार की आलोचना करने के कारण हुई है। उन्होंने विशेष रूप से दावा किया कि उन्हें पटना में हाल ही में हुई एक NEET छात्रा की मौत के मामले को उजागर करने के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
NEET छात्रा मामले में सक्रिय भूमिका
पप्पू यादव NEET छात्रा की मौत के मामले में सक्रिय रूप से आवाज उठा रहे थे, वे पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए बार-बार जहानाबाद गए और सार्वजनिक रूप से पुलिस जांच पर सवाल उठाए। बिहार पुलिस ने एक इंस्पेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी की देखरेख में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था, लेकिन मामला अनसुलझा रहा और बाद में इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और कहा कि सांसद लगातार पीड़िता के परिवार के साथ खड़े रहे और जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा, "उनकी गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से राजनीतिक प्रतिशोध का कार्य है, जिसका उद्देश्य न्याय की मांग करने वाली हर आवाज को धमकाना और चुप कराना है।"
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी गिरफ्तारी की निंदा करते हुए पटना के एक छात्रावास में NEET छात्रा के बलात्कार और हत्या को "बेहद चौंकाने वाला" बताया।
गिरफ्तारी के बाद की स्थिति
गिरफ्तारी के एक दिन बाद पप्पू यादव को स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि यादव की दवाएं उपलब्ध कराई गईं और उनका देखभालकर्ता उनके साथ गया। उन्हें चिकित्सा जांच और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बाद IGIMS अस्पताल ले जाया गया।
अदालत में पेशी
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को अदालत में सुनवाई निर्धारित है, जहां पप्पू यादव को पेश किया जाना है।
पुलिस का पक्ष
पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि यादव की अदालत में निर्धारित तारीख पर पेश नहीं होना ही गिरफ्तारी का कारण है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे सख्ती से अदालत के आदेश का पालन कर रहे हैं।
अदालत ने पहले भी गिरफ्तारी वारंट और घोषणाएं जारी की थीं ताकि आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके, लेकिन आरोपी अनुपस्थित रहे।
पृष्ठभूमि
पप्पू यादव, जो पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, बिहार राजनीति में एक विवादास्पद लेकिन मुखर नेता रहे हैं। वे लंबे समय से नीतीश कुमार सरकार के आलोचक रहे हैं और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाते रहे हैं।
यह मामला 1995 से चल रहा है और अब 30 वर्ष से अधिक पुराना हो गया है। हालांकि, हाल के महीनों में अदालत ने आरोपियों की बार-बार अनुपस्थिति के कारण कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया।
निष्कर्ष
यह मामला बिहार में राजनीतिक और कानूनी विवाद का नया अध्याय बन गया है। एक ओर जहां पुलिस प्रशासन इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया बता रहा है, वहीं पप्पू यादव और विपक्षी नेता इसे राजनीतिक प्रतिशोध मान रहे हैं। NEET छात्रा मामले को लेकर सांसद की सक्रियता और उनकी गिरफ्तारी के समय को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
अभी यह देखना बाकी है कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या यह राजनीतिक विवाद आगे और बढ़ता है।
मुख्य बिंदु:
- 1995 के फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तारी
- शुक्रवार देर रात पटना के मंडीरी इलाके से गिरफ्तार
- सांसद ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया
- NEET छात्रा मामले में आवाज उठाने को बताया कारण
- राहुल और प्रियंका गांधी ने की निंदा
- स्वास्थ्य समस्याओं के बाद PMCH में भर्ती
अस्वीकरण: यह खबर विभिन्न समाचार एजेंसियों और मीडिया स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।
