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प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा शुरू की, रक्षा और व्यापार संबंधों पर होगी चर्चा

कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों से मिले पीएम, अनवर इब्राहिम के साथ एयरपोर्ट से कार में बैठकर निकले
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा शुरू की, रक्षा और व्यापार संबंधों पर होगी चर्चा

कुआलालंपुर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंच गए। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ कार में बैठकर एयरपोर्ट से रवाना हुए, जो दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाता है। यह पीएम मोदी की वर्ष 2026 की पहली विदेश यात्रा है और मलेशिया के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर हो रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, शिक्षा और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए व्यापक बातचीत होगी।

मलेशियाई पीएम का विशेष स्वागत

पीएम मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री के एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत स्वागत और कार राइड को 'प्यार और सम्मान का विशेष इशारा' बताया। भारतीय प्रवासियों के लिए आयोजित 'सेलामत दातांग मोदी जी' (स्वागत है मोदी जी) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत और मलेशिया के दिलों को जोड़ने वाली बहुत सी चीजें हैं। आपने रोटी चनाई को मालाबार पराठे से जोड़ा है, नारियल और मसाले, और निश्चित रूप से तेह तारिक। स्वाद कुआलालंपुर हो या कोच्चि, परिचित लगते हैं।"

यात्रा का महत्व और उद्देश्य

यह यात्रा अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) में बदलने के बाद पहली आधिकारिक यात्रा है। यह पीएम मोदी की 2015 के बाद मलेशिया की तीसरी यात्रा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध हैं, जिन्हें मलेशिया में रहने वाले 29 लाख भारतीय मूल के लोगों ने और मजबूत किया है।

पीएम मोदी ने अपने प्रस्थान वक्तव्य में कहा, "हम अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करने, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाने और नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करने का लक्ष्य रखेंगे।"

प्रमुख एजेंडा और चर्चा के मुद्दे

रक्षा सहयोग

रक्षा सहयोग इस यात्रा का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र होगा। भारत मलेशिया को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित डोर्नियर विमान की संभावित बिक्री और मलेशिया के सुखोई Su-30 लड़ाकू विमानों के अपग्रेड और रखरखाव पर चर्चा करेगा। इसके अलावा, मलेशिया की स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के मिड-लाइफ अपग्रेड और रेट्रोफिटिंग में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

व्यापार और आर्थिक सहयोग

2025 में भारत और मलेशिया के बीच कुल व्यापार 79.49 बिलियन रिंगित (18.59 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया। मलेशिया का भारत को कुल निर्यात 52.30 बिलियन रिंगित और आयात 27.19 बिलियन रिंगित रहा। प्रमुख निर्यात वस्तुओं में पाम तेल और पाम तेल आधारित कृषि उत्पाद, और विद्युत व इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद शामिल हैं।

यात्रा के दौरान 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फोरम भी आयोजित किया जा रहा है। फोरम ने 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए मलेशिया-भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के आधुनिकीकरण का आह्वान किया।

डिजिटल और तकनीकी सहयोग

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मलेशिया की राष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क PayNet के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहा है, जिससे संभावित रूप से मलेशिया में UPI उपलब्ध हो सकता है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी गहन सहयोग की योजना है। भारत मलेशिया के मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के साथ बहु-स्तरीय सहयोग व्यवस्था स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

ASEAN व्यापार समझौता की समीक्षा

भारत ASEAN के साथ वस्तुओं में व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा पर जोर दे रहा है। मलेशिया वर्तमान में समीक्षा तंत्र की अध्यक्षता कर रहा है, और दोनों नेताओं के बीच इस समझौते पर चर्चा होगी। 2011 से 2023 के बीच, भारत का ASEAN के साथ वार्षिक व्यापार घाटा लगभग 7.5 बिलियन डॉलर से बढ़कर 44 बिलियन डॉलर हो गया है।

जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा

विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी यात्रा के दौरान उठाया जाएगा। विदेश मंत्रालय के सचिव पी. कुमारन ने कहा, "जाकिर नाइक के मामले में, मैं आपको विश्वास दिला सकता हूं कि सभी मुद्दों पर यात्रा के दौरान चर्चा होगी। हमें उम्मीद है कि हमें वह परिणाम मिलेगा जो हम चाहते हैं।"

जाकिर नाइक राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा 2016 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित हैं और उन पर भड़काऊ भाषणों के माध्यम से लोगों को उकसाने का आरोप है। उनका टेलीविजन चैनल PeaceTV भारत और कई अन्य देशों में प्रतिबंधित है।

भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात

मलेशिया दुनिया में सबसे बड़े भारतीय मूल के समुदायों में से एक का घर है। पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय को "जीवित पुल" बताया जो दोनों देशों को जोड़ता है। उन्होंने कहा, "भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है, यह एशिया की सफलता है।"

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि संबंधों का मार्गदर्शक शब्द है IMPACT - India-Malaysia Partnership for Advancing Collective Transformation (सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी)।

ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूती

भारत की 'ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी' एक राजनयिक और रणनीतिक पहल है जिसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्व एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। मलेशिया की यह यात्रा इस नीति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मलेशिया भारत का ASEAN में तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत से पर्यटक भी मलेशिया के लिए महत्वपूर्ण हैं - पिछले वर्ष लगभग 14 लाख भारतीय पर्यटकों ने मलेशिया की यात्रा की।

आगे की योजना

रविवार को पीएम मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक वार्ता होगी। दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिनमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन भी शामिल है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा में "एक समृद्ध एजेंडा है और यह भारत और मलेशिया के बीच विशेष साझेदारी को बड़ा बढ़ावा देगी।"

वर्तमान स्थिति

पीएम मोदी रविवार दोपहर तक मलेशिया में रहेंगे और व्यापक द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत लौटेंगे। यह यात्रा 1957 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से भारत-मलेशिया मित्रता की मजबूत नींव को और सुदृढ़ करने की उम्मीद है।

यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और पारस्परिक लाभ के क्षेत्रों में बढ़े हुए सहयोग को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

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