
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की है। प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, महायुति गठबंधन 227 में से 118 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन को केवल 69 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है।
मुख्य बिंदु
- महायुति गठबंधन: 118+ सीटों पर बढ़त (बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी)
- BJP: 88-99 सीटों पर आगे
- शिवसेना (शिंदे गुट): 28-31 सीटों पर बढ़त
- शिवसेना (उद्धव ठाकरे): 62-74 सीटों पर आगे
- MNS (राज ठाकरे): 7-9 सीटों पर बढ़त
- कांग्रेस: मात्र 8-15 सीटों पर आगे
20 साल बाद एकजुट हुए ठाकरे बंधुओं को झटका
इस चुनाव में सबसे बड़ी चर्चा ठाकरे बंधुओं — उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे — के 20 साल बाद एकजुट होने की थी। दोनों भाइयों ने BMC पर कब्जा करने के लिए हाथ मिलाया था, लेकिन नतीजे उनकी उम्मीदों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का यह गठबंधन मुंबई की सबसे अमीर नगर निकाय पर अपना वर्चस्व कायम नहीं कर सका।
2017 के BMC चुनावों में अविभाजित शिवसेना ने 84 सीटें जीती थीं और BJP ने 82 सीटें हासिल की थीं। लेकिन इस बार की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है।
कांग्रेस का बेहद खराब प्रदर्शन
कांग्रेस पार्टी के लिए यह चुनाव परिणाम एक बड़ा झटका साबित हुआ है। 2017 में कांग्रेस ने 31 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार पार्टी मात्र 8-15 सीटों तक सिमट गई है। कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाडी (VBA) के साथ गठबंधन किया था, लेकिन यह रणनीति पार्टी के लिए कारगर साबित नहीं हुई।
वार्ड 183 से कांग्रेस उम्मीदवार आशा दीपक काले की जीत पार्टी की पहली पुष्ट जीत थी। हालांकि, समग्र रूप से देखें तो कांग्रेस का प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक रहा है।
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भरोसा जताया था कि "मेयर की सीट हमारी होगी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BMC चुनाव के लिए कड़ी मेहनत की है," लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग रही।
BJP का शानदार प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। पार्टी ने 136 वार्डों में उम्मीदवार उतारे थे और लगभग 88-99 सीटों पर बढ़त हासिल की है। यह BMC के इतिहास में BJP की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
वार्ड 2 (दहिसर) से BJP की तेजस्वी घोसलकर और वार्ड 135 (मानखुर्द क्षेत्र) से नवनाथ बान की जीत उल्लेखनीय रही। तेजस्वी घोसलकर की जीत भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके पति की फेसबुक लाइव प्रसारण के दौरान हत्या कर दी गई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई BJP अध्यक्ष अमीत सातम को बधाई देते हुए महायुति की जीत का जश्न मनाया।
चुनाव की पृष्ठभूमि
BMC चुनाव 15 जनवरी 2026 को संपन्न हुए। यह चुनाव लगभग 8 साल के अंतराल के बाद आयोजित किए गए। पिछली बार निर्वाचित मेयर किशोरी पेडणेकर का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो गया था, लेकिन COVID-19 महामारी, सुप्रीम कोर्ट के OBC आरक्षण पर आदेश और वार्ड सीमांकन विवादों के कारण चुनाव में देरी हुई।
मतदान का आंकड़ा
कुल 1.03 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 52.94 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। यह 2017 के चुनाव में दर्ज 55.53 प्रतिशत मतदान से कम है। कुल 1,700 उम्मीदवारों ने 227 वार्डों में चुनाव लड़ा, जिनमें 879 महिला और 821 पुरुष उम्मीदवार शामिल थे।
वार्ड नंबर 114 (भांडुप) में सबसे अधिक 64.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि वार्ड नंबर 227 (कोलाबा) में सबसे कम 20.88 प्रतिशत मतदान हुआ।
महायुति बनाम ठाकरे गठबंधन
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति गठबंधन और ठाकरे बंधुओं के गठबंधन के बीच था:
महायुति गठबंधन:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP)
- शिवसेना (एकनाथ शिंदे)
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार)
ठाकरे गठबंधन:
- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (राज ठाकरे)
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)
कांग्रेस गठबंधन:
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
- वंचित बहुजन आघाडी (VBA)
मतगणना की प्रक्रिया
मतगणना की प्रक्रिया 16 जनवरी को सुबह 10 बजे शुरू हुई। मुंबई में 23 केंद्रों पर मतगणना की गई। इस बार चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया — 2017 की तरह सभी वार्डों की गिनती एक साथ शुरू करने के बजाय, इस बार केवल दो वार्डों की एक साथ गिनती की गई।
मतगणना के लिए 2,299 अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया, जिनमें 759 पर्यवेक्षक, 770 सहायक और 770 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल थे।
एक्जिट पोल की भविष्यवाणी सच साबित हुई
मतदान के बाद जारी सभी प्रमुख एक्जिट पोल ने महायुति गठबंधन की जीत की भविष्यवाणी की थी:
- Axis My India: महायुति 131-151 सीटें, ठाकरे गठबंधन 58-68 सीटें
- JVC: महायुति 138 सीटें, ठाकरे गठबंधन 59 सीटें
- Sakal: महायुति 119 सीटें
एक्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस-VBA गठबंधन को 12-16 सीटें मिलने का अनुमान था, जो लगभग सही साबित हुआ।
विवादों से घिरा रहा चुनाव
मतदान के दौरान कई विवाद सामने आए। शिवसेना (UBT) और MNS ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में मतदाता सूची में हजारों लोगों के नाम गायब थे। पार्टी ने नकद वितरण और संस्थागत पूर्वाग्रह के आरोप भी लगाए।
एक और विवाद अमिट स्याही के बजाय मार्कर पेन के इस्तेमाल को लेकर हुआ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को "नागरिकों को गुमराह करने" का आरोप लगाया।
28 साल बाद ठाकरे का गढ़ टूटा
यह चुनाव इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि मुंबई की नगरपालिका पर 28 साल से ठाकरे परिवार का प्रभुत्व था। 1995 से शिवसेना BMC पर हावी रही है, लेकिन इस बार BJP ने उनके इस गढ़ को तोड़ दिया है।
2022 में जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना को विभाजित किया था, तब से यह BMC का पहला चुनाव था। इस चुनाव को शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था।
महाराष्ट्र के अन्य नगर निकायों में भी महायुति की जीत
BMC के अलावा महाराष्ट्र के 28 अन्य नगर निकायों में भी 15 जनवरी को मतदान हुआ था। प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, सभी 29 नगर निकायों में महायुति गठबंधन बढ़त बना रहा है:
पुणे: BJP 80-90 सीटों पर आगे नवी मुंबई: BJP 66-75 सीटों पर बढ़त नासिक: BJP 63 सीटों पर आगे ठाणे: BJP 41 सीटों पर बढ़त
राज्य भर में BJP ने 1,088 सीटों, शिवसेना (शिंदे गुट) ने 300 सीटों, कांग्रेस ने 185 सीटों, शिवसेना (UBT) ने 140 सीटों और NCP ने 120 सीटों पर बढ़त हासिल की है।
BMC का महत्व
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) भारत की सबसे बड़ी और सबसे अमीर नगरपालिका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए BMC का बजट 74,427 करोड़ रुपये है। यह संस्था मुंबई के बुनियादी ढांचे, सड़कों, नालियों, अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक परिवहन का प्रबंधन करती है।
BMC का नियंत्रण राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मुंबई न केवल महाराष्ट्र की राजधानी है, बल्कि देश का वित्तीय केंद्र भी है। इसलिए BMC पर नियंत्रण राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक ताकत का एक बड़ा संकेतक है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में BJP ने शानदार सफलता हासिल की है।"
BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, "यह जश्न का दिन है। महाराष्ट्र की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों, राष्ट्रवाद और विकास के एजेंडे को आशीर्वाद दिया है।"
विपक्ष की प्रतिक्रिया: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि "मुंबई जैसे शहर में मतदान का पैटर्न गंभीर मामला है। हजारों लोगों के नाम गायब थे जिन्होंने विधानसभा चुनावों में भी मतदान किया था।"
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि पार्टी को "महत्वपूर्ण सफलता" मिलेगी। AIMIM ने 4 वार्ड जीते हैं।
आगे क्या?
बहुमत हासिल करने के बाद, महायुति गठबंधन अब BMC के नए मेयर का चुनाव करेगा। लगभग चार साल के अंतराल के बाद मुंबई को एक निर्वाचित मेयर मिलेगा।
यह जीत महायुति गठबंधन के लिए एक बड़ी राजनीतिक सफलता है, खासकर तब जब 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्ष ने अच्छा प्रदर्शन किया था। यह परिणाम 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की तरह है, जहां भी महायुति ने शानदार जीत हासिल की थी।
कांग्रेस और ठाकरे गठबंधन के लिए यह हार एक गंभीर चिंता का विषय है। दोनों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी।
निष्कर्ष
BMC चुनाव 2026 के परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय खोलते हैं। BJP-शिवसेना महायुति गठबंधन की शानदार जीत ने यह साबित कर दिया है कि मुंबई की जनता ने विकास और सुशासन के एजेंडे को अपना समर्थन दिया है।
20 साल बाद एकजुट हुए ठाकरे बंधुओं को करारा झटका लगा है और कांग्रेस का प्रदर्शन अत्यंत निराशाजनक रहा है। अब देखना यह है कि मुंबई के विकास के लिए नया नागरिक नेतृत्व क्या कदम उठाता है।
मतगणना की प्रक्रिया अभी भी जारी है और अंतिम परिणाम शाम तक घोषित किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, रुझान स्पष्ट हैं — यह महायुति की जीत और विपक्ष की हार है।
अंतिम अपडेट: 16 जनवरी 2026, दोपहर 3:00 बजे स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, महाराष्ट्र और विभिन्न समाचार एजेंसियां
मुख्य तथ्य (एक नजर में)
- कुल वार्ड: 227
- बहुमत के लिए जरूरी: 114 सीटें
- महायुति गठबंधन: 118+ सीटों पर बढ़त
- ठाकरे गठबंधन: 69 सीटों पर बढ़त
- कांग्रेस: 8-15 सीटें
- मतदान प्रतिशत: 52.94%
- कुल उम्मीदवार: 1,700
- BMC बजट: ₹74,427 करोड़
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डिस्क्लेमर: यह समाचार लेख विभिन्न समाचार एजेंसियों और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। प्रारंभिक रुझानों के आधार पर लिखा गया है और अंतिम परिणाम बदल सकते हैं।