असम विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल के नाम पर एक जाली पत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में सोमवार को FIR दर्ज की गई है। इस पत्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को संबोधित करते हुए असम में कथित प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों का उल्लेख किया गया था।
⚠️ ALERT⚠️
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) January 19, 2026
🚨 Official Statement 🚨
It has come to my notice that a forged letter bearing the official letterhead and fake signature of Union Minister Sarbananda Sonowal is being circulated by miscreants with malafide intent.
This constitutes a serious criminal offence… pic.twitter.com/zB3coKBYyL
क्या है पूरा मामला
दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में केंद्रीय मंत्रालय के एक अधिकृत अधिकारी द्वारा सोनोवाल के निर्देश पर शिकायत दर्ज की गई। मामले की जांच के लिए केस को दिल्ली पुलिस की पब्लिक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड रेगुलेटरी (PITR) यूनिट को सौंपा गया है।
15 जनवरी 2026 को दिनांकित यह पत्र कथित रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखा गया था, जिसमें 2026 विधानसभा चुनाव से पहले असम में गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों का उल्लेख किया गया था।
जाली पत्र में भ्रष्टाचार, खराब शासन, कानून-व्यवस्था की समस्याएं, बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि और सत्ता के दुरुपयोग जैसे मुद्दों का हवाला दिया गया था। पत्र में यह भी दावा किया गया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार से जनता व्यापक रूप से असंतुष्ट है।
सोनोवाल का बयान
सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर मामले को उजागर करते हुए कहा कि यह जालसाजी, प्रतिरूपण और सरकारी पहचान के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर आपराधिक मामला है, जिसका उद्देश्य गलत सूचना फैलाना और संवैधानिक अधिकारी की छवि खराब करना है।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पत्र पूरी तरह से नकली और मनगढ़ंत है, और न तो उन्होंने और न ही उनके कार्यालय ने ऐसा कोई पत्र जारी किया है। उन्होंने जनता और मीडिया को सलाह दी कि वे इस तरह की धोखाधड़ी वाली सामग्री पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी सत्यापित करें।
कानूनी कार्रवाई
कानूनी कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता की धारा 274 और प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ये अपराध गैर-जमानती हैं और इनमें दस साल तक की कठोर सजा हो सकती है।
सोनोवाल ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया है कि वे इस मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करें और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
कांग्रेस पर आरोप
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि असम कांग्रेस से जुड़े व्यक्तियों ने व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से इस जाली दस्तावेज को प्रसारित किया था, हालांकि यह मामला अभी जांच के दायरे में है।
असम के भाजपा नेता पीयूष हजारिका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने अधिक सबूत उजागर किए हैं कि कैसे कांग्रेस की आईटी सेल ने भारत सरकार के लेटरहेड की जालसाजी की और इसे व्हाट्सएप ग्रुप में प्रसारित किया।
असम विधानसभा चुनाव 2026
असम में मार्च-अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है, जिसमें असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए मतदान होगा। असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त होना निर्धारित है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित कई स्रोतों से मिले संकेतों के अनुसार, फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह तक असम विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा होने की संभावना है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
सरबानंद सोनोवाल असम के पूर्व मुख्यमंत्री (2016-2021) हैं और वर्तमान में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वह राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व करते हैं।
2021 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 126 में से 75 सीटें जीतकर राज्य सरकार का गठन किया था, और हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने थे।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह मामला असम में आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव को उजागर करता है।
सोनोवाल के कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सामग्री को साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।
नोट: यह एक विकासशील कहानी है और अधिक जानकारी आने पर अपडेट की जाएगी।